A COLLEGE PROJECT ON BEAUTY PARLOUR IN HINDI USED IN ITI PROJECT



प्रस्तावना :-

1.अपरलिप्स थ्रेडिंग :

 अपरलिप्स का मतलब है लिप्स (ओंठ) के ऊपर वाला पार्ट (भाग) | लिप्स के ऊपर का पार्ट भुत नाजुक होता है | यदि उस पर सावधानीपूर्वक थ्रेडिंग न की जाय , तो स्किन छिल सकती है |इसलिए वहाँ प् स्किन को टाइट (सख्त) करने के बाद ही थ्रेडिंग करनी चाहिए |
फ़ारहेड थेर्डिंग :-
फ़ारहेड थ्रेडिंग मस्तक की थ्रेडिंग करने से पहले क्लाइंट से ऊपर और नीचे की स्किन को हाथ से पकड़वाने के बाद ही थ्रेडिंग करनी चाहिए | हेअर की विरुध्द दिशा में थ्रेडिंग करें |
चिन थेर्डिंग :-
चिन अर्थात् ठुड्डी का मतलब है लिप्स के नीचे का पार्ट | चिन थेर्डिंग करने से पहले लिप्स के पीछे नीचे वाले पार्ट में टंग (जीभ) रख कर लिप्स को टाइट करवाना चाहिए | इसके बाद ही थ्रेडिंग करनी चाहिए |
साइडब्लांक्स थ्रेडिंग :  साइडब्लांक्स कस अर्थ है चीक (गाल) और एअर (कान) के बीचका पार्ट | साइडब्लांक्स थ्रेडिंग करने से पहले क्वाइंटसे चीक और इअर टाइट पकड़ना लें | इसके बाद ही थेर्डिंग करनी चाहिए |    

२. वैक्सिंग


*. प्रस्तावना : स्किन से रोंएँ निकालने के तीन तरीके है :
  1. अपिलेशन :
  रोंएँ निकालने की इस पद्धति में थ्रेडिंग, ट्वीजिंग तथा प्लकिंग के तरीकों का उपयोग किया जाता है | 
 2. डेपिलेशन
  रोएँ निकालने के लिये हेअर रिमूवर क्रीम का उपयोग करने वाली पद्धति को डेपिलेशन कहा जाता है
 3. वैक्सिंग :
    वैक्सिंग शरीर के अनावश्यक हेयर को हटाने का सबसे आसान तरीका है | वैक्सिंग से शरीर के वे हेअर भी आसानी से      साफ किये जा सकते है , जो थ्रेडिंग से संभव नहीं है | वैक्सिंग करने से हेअर जल्दी नहीं उगते | इस पद्धति से हेअर को जड़ से निकला जा सकता है और इसमें कोई तकलीफ भी नहीं होती |
*. वैक्स बनाने का तरीका :
 मोटे पेंदे वाले एक भोगोने में 250 मिली नीबू का रस ले कर इसमें 600 ग्राम शक्कर डाल कर मिलाएं | बाद में इसे गैस पर धीमी आंच पर रखें और लगातार चलती रहें | 5 से 6 मिनट के बाद गैस फुल करके उबाल आने दें | इसके बाद आंच धीमी कर दें | उसे 2 से 3 मिनट चला कर एक तार की चाशनी तैयार करें | आधे कप पानी में चाशनी की कुछ बुँदे पानी में नीचे बैठ जाएँ, तो समझ जाइए कि आपका वैक्स तैयार है | यदि ये बुँदे पानी में मिक्स हो जाये, तो इसे थोड़ा और गरम करें |
*. वैक्सिंग में इस्तेमाल किए जाने वाले उत्पाद :
- गर्म वैक्स                                         -  वाटर बाउल
- वैक्स हीटर                                        -  टेल्कम
- बटर नाइफ                                        -  डिटोल
- क्लाथ ( कपड़े की ) वैक्स स्ट्रिप्स                      -  स्पंज
*. वैक्सिंग कहाँ – कहाँ की जा सकती है ?
- हाथो पर
- पैरों पर
- अंडर आर्म्ड
- पीठ पर
- पेट पर
- फेस पर
*. वैक्सिंग करने का तरीका :
 वैक्सिंग शुरू करने से पहले जिस पार्ट पर वैक्सिंग करनी हो , उस स्थान पर पहले टेल्कम पाउडर लगाइऐ | फिर उस पर बटर नाइफ की मदद से वैक्स लगाइए | जिस दिशा में हेअर उगे हों, उस दिशा में वैक्स लगाइए | वैक्स लगे हुए पार्ट पर वैक्स स्ट्रिप रखिए और समान दबाव दे कर प्रेस कीजिए और रोओं की उलटी दिशा में खीचिए |वैक्सिंग हो जाने के बाद डिटोल के वाँटर से स्पंज कीजिये अथवा कॉटन की सहायता से साफ कर दीजिए | यदि सेंसिटिव स्किन हो, तो वैक्सिंग करने के बाद केले
-माईन लोशन अथवा कोल्ड क्रीम से मसाज कीजिए |
* ध्यान रखें :
·         यदि ब्लीचिंग और वैक्सिंग दोनों एक साथ करनी हो, तो पहले बिलिचिंग कीजिय, फिर वैक्सिंग कीजिए |
·         पहले वैक्स का तापमान जाँच लीजिए, ताकि क्लाइंट को गर्म वैक्स से पीड़ा न पहुँचे|
·         घाव , सूजन , मस्से आदि पर वैक्सिंग कभी नहीं करनी चाहिए |
·         बाज़ार में मिलने वाले हेअर रिमूवर लोशन अथवा क्रीम का उपयोग बिलकुल नही करना चाहिए, क्योकि इनका लम्बे समय तक उपयोग करने के बाद स्किन ब्लैक हो जाती है और हेअर की वृद्धि अधिक होने लगती है |
·         अधिक स्वच्छता चाहिए, तो क्वाथ वैक्स स्ट्रिप्स के बजाय डिस्पोजबल वैक्स स्ट्रिप्स का उपयोग कीजिए |


3 . ब्लीचिंग (BLEACHING)

*.प्रस्तावना : बिलिचिंग रोओं को छिपाने का एक अच्छा तरीका है | बिलिचिंग से स्किन के रोओं का कलर लाइट हो जाता है | यदि रोयें कम हो और उन्हें निकलना न हो, तो उन्हें बिलिचिंग से छिपाया जा सकता हैं |
   * बिलिचिंग के प्रकार :
        (1) क्रीम ब्लीचिंग   (2) पाउडर ब्लीचिंग
 (1.) क्रीम ब्लीच ( Cream Bleaching )
क्रीम ब्लीच सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला ब्लीच है | यह ब्लीच लोकल तथा इम्पोर्टेड दोनों ही तैयार मिलता है |   क्रीम ब्लीच इस्तेमाल करने में बहुत आसान होता है | क्रीम अधिक तथा एक्टिवेटर कम मात्रा में ले कर ब्लीच बनाना चाहिए | लेकिन यदि स्ट्रांग इफेक्ट चाहिए, तो एक्टिवेटर थोड़ा अधिक मात्रा में लीजिये |

 (2.) पाउडर ब्लीचिंग (Powder Bleaching )
*. पाउडर  ब्लीचिंग के लिए निम्नलिखित मटीरिअल्स लेना चाहिए :
·         ब्लीच पाउडर – 1 चम्मच
·         अमोनिया – 4 से 8 बूंद
·         हाइड्रोजन पैराँक्साइड – पेस्ट बनाने लायक
·         ऐटीसेप्टिक वाँटर – डिटोल वाला अथवा सेवलाँन वाला
·         कोल्ड वाटर
*. ब्लीचिंग कहाँ - कहाँ हो सकती है ?
·         फेस पर
·         हाथ पर 
·         पूरे शरीर पर
·         मस्तक के हेअर पर
*. ब्लीचिंग के दुष्परिणाम :  
अमोनिया स्किन के लिए नुकसानदेह होता है इससे एलर्जी हो सकती है |
·         लंबे समय तक ब्लीच करने स्किन ब्लैक हो सकती है |
·         स्किन ड्राई और रफ हो सकती है |
·         स्किन का कैंसर होने की सम्भावना भी रहती है |
*.ध्यान रखें :
·         यदि स्किन बहुत नाजुक हो, तो ब्लीचिंग नहीं करनी चाहिय |
·         यदि फेस पर धाव हो या खून निकल रहा हो, तो ऐसी जगह ब्लीचिंग नही करनी चाहिए
·         ब्लीचिंग स्वयं नही करनी चाहिए | किसी अनुभवी ब्यूटिशियन से ही करनी चाहिय |



4 .फेशियल (फेशल) ट्रीटमेंट (FACIAL TREATMENT)

. प्रस्तावना : फेशियल ट्रीटमेंट सौन्दर्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण ट्रीटमेंट हैं | इससे तन और मन दोनों को आराम मिलता है | फेशियल कराने से स्किन डेलिकेट लगता है और वह फ्रेश दिखाई देती है | इससे ब्लड सर्क्यूलेशन में वृद्धि होती है और मसल्स टोन अप होते | इससे निष्क्रिय ग्रंथियाँ सक्रिय होती है | फेशियल ड्राइ और रिंकल वाली स्किन के लिए बहुत ही लाभदायक होता है | यह स्किन का माइस्चर लेवल बैलेंस ( संतुलित ) करता है | फेशियल लिम्फैटिक ( लसिका सम्बन्धी ) गंदगी दूर करने में मदद करता है | इससे स्किन स्वस्थ और यंग रहती है |
*. फेशियल में इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट्स :
·         क्लीजिंग मिल्क
·         astringent
·         फेशिएल बेल्ट
·         फेशिएल एप्रन ( गाउन )
·         फेस पैक
·         मसाज क्रीम
·         एप्रिकोट स्क्रब
·         रुई ( कॉटन )
·         बाउल
·         कोल्ड वाटर
·         आइस
·         नैपकिन
*. फेशियल में काम आने वाले साधन :
·         स्टिमिंग मशीन
·         गैल्वनिक मशीन
·         फेरडिक मशीन
·         हाइफ्रीक्वेंसी (निआन , आरगान )
·         कंपन ( वाइब्रेटर )
·         वैक्यूम सहित सक्शन मशीन
·         कोल्ड स्टीमर
·         माइक्रो डर्मा ब्रेजन मशीन
·         ब्लैक हेड्स रिमूवर
·         डायमंड डमार् ब्रेजन मशीन
·         स्किन लिप्तिंग मशीन
·         अल्ट्रासोनिक मशीन
·         स्किन टेस्टर
·         स्टर लाइजर
·         मैग्निफाइंग ग्लास
*.फेशियल , स्टेप बाइ स्टेप (Facial, Step by Step) :
·         क्लीजिंग ( क्लीजिंग मिल्क से )   ( 2 से 3 मिनट )
·         डीप क्लीजिंग ( स्क्रब से )            ( 3 से 5 मिनट )   
·         नरिशिंग क्रीमसे मसाज़              ( 20 से 25 मिनट )
·         क्रीम साफ करके ब्लैक हेड्स निकलना    ( 3 से 5 मिनट )
·         अस्त्रिजंट लगाना                   ( 1 से 2 मिनट )
·         फेस पैक लगाना                    ( 10 से 15 मिनट )
·         कोल्ड स्टीम ( आँक्सीलेशन )     ( 2 से 3 मिनट )
·         प्रटेक्शन ( स्किन टोनर से )      ( 1 से 2 मिनट )
1.फेशियल स्टेप्स ( Facial Steps )
1. जनरल स्टेप्स ( General Steps ) :
* फेस और नेक परफिंगर्स की मदद से क्रीम लगाना | फिर हाथ में कोल्ड वाटर ले कर बताए गए दंग से मसाज़ के स्टेप्स लेना :

·         जनरल स्ट्रोक : चार फिंगर्स की मदद से चीन से शुरू करके नोज के पास से फारहेड पर ले जा कर इअर के पास ला कर वापस चीन पर आना |
·         चिक्स पर ऊपर की दिशा में फिंगर की मदद से मसाज करना |
·         चीन के ऊपर और नीचे पहली दो फिंगर्स को सीजर्स की तरह फिरना |
·         लिप्स के आसपास क्वाकवाईज और एंटीक्वाकवाईज मसाज़ करना |
·         इसके बाद लिप्स के आसपास एक ही दिशा में सर्कल में मसाज़ करना |
·         लाफ्टर लाइन की जगह पर हाफ सर्कल में मसाज़ करना |
·         नोंजबाल के नीचे क्वाकवाईज और एंटीक्वाकवाईज मस्ज करना |
·         आईब्रो – सेन्टर से कुछ नीचे नोज़ के पास दो फिंगर्स से प्रेशर देना |
·         आइब्रो – कॉर्नर्स पर दो फिंगर्स से क्वाकवाईज और एंटीक्वाकवाईज मसाज़ |
·         दोनों हाथों की पहली फिंगर्स से नोज़ की टिप पर ऊपर की ओर मसाज़ करना |
·         टेंशन – पाइंट पर एक फिंगर्स से प्रेशर देना |
·         पल्स – पाइंट ( टेम्पल्स ) पर तीन फिंगर्स से प्रेशर देना |
2.चीक्स ( गाल ) के स्टेप्स (Steps For the Cheeks ) :



·         दोनों हाथो की एक – एक फिंगर से नीचे से ऊपर की ओर ले जा कर रोलपेंटिंग करना |
·         तीन फिंगर्स से रोलपेंटिंग करना |
·         दिनों हाथों से पिचिंग ( चुटकी से ) मसाज़ करना |
·         चीक्स पर फिंगर्स से थपथपाना |
·         हाथ से जापानीज़ फैन की तरह वाइब्रेशन ( कंपन )मसाज़ करना |
·         अँगूठे (थम्ब) से क्वाकवाईज और एंटीक्वाकवाईज मसाज़ करना |
·         सभी फिंगर्स से वाइब्रेशन मसाज़ करना |
·         प्लस – पाइंट पर तीन फिंगर्स से प्रेशर देना |
आँखों के स्टेप्स ( Steps for the Eyes ) :

·         आँखों के चारों ओर क्वाकवाईज और एंटीक्वाकवाईज मसाज़ करना |
·         आँखों के नीचे फिंगर्स से वाइब्रेशन करना |
·         आइबाल पर तीसरी फिंगर्स से क्वाकवाईज और एंटीक्वाकवाईज मसाज़ करना |
·         क्रिसलाइन पर एक फिंगर्स से मसाज़ करना |
·         आँखों के कॉर्नर में अंग्रेजी अक्षर ‘S’ और ‘8’ के शेप में मसाज़ करना |
·         आईब्रोज पर चुटकी से ( पिचिंग ) मसाज़ करना |
·         आईब्रोज को प्रेस करना |आँखों पर कुछ देर के लिए पम्ज़ ( हथेलियाँ )रखना |
4. मस्तक ( फॉरहेड ) के स्टेप्स ( Steps for the Forehead ) :
·         आईब्रोज़ के बीच दोनों फिंगर्स क्रॉस रख कर ऊपर की ओर मसाज़ करना |
·         आईब्रोज को फिंगर्स से ऊपर की ओर मसाज़ करना |
·         फॉरहेड पर दो फिंगर्स से हॉरिजेंटल ‘V’ शेप बना कर उसके बीच एक फिंगर से क्लांकवईज़ और एंटी- क्लांकवाईज़ मसाज़ करना |
·         ऊपर की तरह ‘V’ शेप बना कर फ्रिक्शन ( घर्षण ) मसाज़ करना |
·         दोनों फिंगर्स को पास – पास रखा कर खड़े स्ट्रोक ने मसाज़ करना |
·         अंग्रेजी अक्षर ‘S’ और ‘8’ के शेप में फॉरहेड पर मसाज़ करना |
·         फॉरहेड पर सभी फिंगर्स से टेपिंग ( थपथपा कर ) मसाज़ |
·         एक हाथ से कपिंग करना और दूसरे हाथ से ऊपर की ओर मसाज़ करना |
5. जां ( जबड़े ) के स्टेप्स ( Steps for the Jaw ) :
·         एक हाथ इअर के पास रख कर दूसरे हाथ की पाम से नेक पर जां ( jaw ) लाइन तक मसाज़ करना |
·         जां लाइन पर चिन से इअर तक क्रिस – क्रास (एक – दूसरे को काटते हुए ) मसाज़ करना |
·         जां का चुटकी से ( पिचिंग ) मसाज़ करना |
·         जां लाइन पर फिंगर्स से थपथपाना |
·         जां लाइन पर एक हाथ से कापिंग करके दुसरे हाथ से ऊपर की ओर मसाज़ करना |
·         जां लिए से ऊपर ओर हलके – हलके मसाज़ करना |
·         नेक पर क्रिस – क्रास मसाज़ करना |
6. शोल्डर (कंधे) के स्टेप्स ( Steps for the Shoulders )
·         तितली (बटरफ्लाई) स्ट्रोक की तरह हाथ रख कर सर्कल में मसाज़ करना |
·         दोनों हाथों से वाइब्रेशन करना |
·         क्वाकवाईज और एंटीक्वाकवाईज मसाज़ कर फ्रिक्शन करना |
·         शोल्डर पर चुटकी से (पिचिंग) मसाज़ करना |
·         हाथ से थपथपाना |
·         मुठ्ठी बांध कर उसकी  फिंगर्स वाले पार्ट से क्वाकवाईज और एंटीक्वाकवाईज मसाज़ करना |
·         पाम की छोटी (कनिष्ठका) फिंगर्स की धार से अंदर की ओर मसाज़ करना |
·         अंग्रेजी अक्षर ‘S’ और ‘8’ के शेप में एक शोल्डर से दूसरे शोल्डर तक मसाज़ करना |
·         कॉलर बोन को प्रेस करना |
·         शोल्डर पर क्वाकवाईज और एंटीक्वाकवाईज मसाज़ करना |
·         एक हाथ शोल्डर पर रख कर दूसरे हाथ से शोल्डर से नेक के ऊपर की ओर मसाज़ |
7. बैक (पीठ) के स्टेप्स ( Steps for the Back ) :
·         बटरफ्लाई स्ट्रोक से मसाज़ करना |
·         मेरुरज्जु (बैकबोन) पर एक के ऊपर दूसरा हाथ रख कर ऊपर की ओर स्ट्रोक देना |
·         इअर के पीछे आंसिपिटल बोन पर क्वाकवाईज और एंटीक्वाकवाईज मसाज़ करना |
·         बिल्ली के पंजो की तरह खुले हाथ से नीचे से ऊपर की ओर मसाज़ करना |
·          
.ध्यान रखें : ऊपर दिए गए सभी स्टेप्स करते समय बीच – बीच में जनरल स्ट्रोक देते रहना चाहिए | मसाज़ करते       
           समय क्रीम या पानी लेना हो, तो एक हाथ फेस पर रख कर दूसरे हाथ से लेना चाहिए | मसाज़ करते 
           समय केवल प्रेशर – पाइंट पर ही वजन डालना हैं, शेष सभी जगहों पर हल्के – हल्के मसाज़ करना 
           चाहिए | इस बात का ध्यान रखना चाहिय की क्रीम आँखों और मुहँ में न जाने पाए | जब तक पैक 
           सूख, तब तक हाथ और परों पर मसाज़ कर लेना चाहिए |




5. हेअर स्टाइल्स ( HAIRSTYLES )

*  प्रस्तावना : शादी-ब्याह , पार्टियों तथा मॉडलिंग सेशंस आदि फंक्शन पर विभिन्न प्रकार की हेअर स्टाइल्स बनाई जाती है | फिनिश्ड हेअर स्टाइल्स निम्नलिखित तीन स्तरों में की जा सकती है : (1) होल्डिंग (2) मोल्डिंग (3) स्प्रेडिंग



  *. हेअर स्टाइल्स पांच प्रकार की होती है :

·         ट्रडीशनल बन हेअर स्टाइल
·         वेस्टर्न-इंडोवेस्टर्न हेअर स्टाइल
·         चोटी वाली हेअर स्टाइल
·         स्विच फिक्सिंग हेअर स्टाइल
·         खुले हेअर वाली हेअर स्टाइल
 *.  हेअर स्टाइल करते समय ध्यान में रखने वाली बातें :
·         हेअर स्टाइल करने के पहले हेअर आइलि नही होने चाहिए |
·         हेअर स्टाइल का निर्धारण करने के पहले फेस कट, हेअर, व्यू तथा प्रोफाइल (छवि) आदि चीजों को ध्यान में रखना जरूरी हैं |
·         स्टाइल हेअर में बैक कांम्बा 0 , 45, 95,135, और 180 पर किया जाता है |
·         हेअर स्टाइल के प्रकार के अनुसार अलग-अलग हेअर स्प्रे का इस्तेमाल किया जाता है | उदाहरण के लिए –
              # खुली हेअर स्टाइल के लिए     - नॉर्मल हेअर स्प्रे
              # आगे के वेव्ज़ ( लहरियादार ) के लिए -  अल्ट्रा हेअर स्प्रे
              # स्टैडिंग रोल या ऊँची हेअर स्टाइल के लिए - अल्ट्रा हेअर स्प्रे
              # फ़ाइनल हेअर स्टाइल के लिए – अल्ट्रा हेअर स्प्रे
·         हेअर स्टाइल में हेअर डमी जैसा रफ करने के लिए परफेक्ट स्प्रे और खुली हेअर स्टाइल के लिए मुज़ या जैल का उपयोग किया जाता है |
·         नजदीक से हेअर स्प्रे किया जाए, तो हेअर में शाइन (चमक) आती है | यदि कुछ दूर से किया जाए, तो हेअर में मैट लुक आता है और अधिक दूर से किया जाए तो वेल्वेट और फंकीलुक आता है |

(1).           इन-बन हेअर स्टाइल   
  
      सबसे पहले हेअर में अच्छी तरह काम्ब करके इअर टू इअर हेअर निकालने चाहिए | पीछे वाले हेअर की एकदम नीची पोनी (छोटी) बनानी चाहिए | पोनी के आसपास पिन अप करके स्प्रे कर देना चाहिए | पोनी को अंदर ओर दबा कर उसका बन (जूडा) बना कर अंदर की ओर पिन अप करना चाहिए | इसके बाद स्प्रे करके फिनिशिंग करना चाहिए | इअर टू इअर निकाले गए हेअर का पफ फेस के अनुसार अथवा क्लाइंट की पसंद के अनुसार लीजिए | पिन अप के बाद शेष हेअर को ट्विस्ट करके अथवा उनके छोटे रोल बना कर बन के ऊपर लगाना चाहिए | मैचिंग ब्रांच लगाना चाहिए | इन हेअर को ट्विस्ट करके बन के चारों ओर सर्कल में भी लगाया जा सकता है |   

(2).          लो-बन हेअर स्टाइल

सबसे पहले इअर टू इअर हेअर को निकाल कर पीछे वाले हेअर की एकदम नीची पोनी बनानी चाहिए | पोनी के आसपास पिन अप करके स्प्रे करना चाहिए | इसके बाद अडिशनल बन ले कर पोनी के सिरे को अंदर अथवा बाहर की ओर मोड़ कर टाइट करके चिमटी से फिट करना चाहिए | उसके ऊपर नेट लगानी चाहिए | इसके बाद सामने वाले हेअर को उचित पफ ले कर पिन अप करना चाहिए | पिन अप से बचे हुए हेार को ग्रोथ के अनुसार रोल करना चाहिए अथवा बन पर ओवरलैप करके पिन अप करना चाहिए | फिर स्प्रे करके फिनिशिंग करनी चाहिए और मैचिंग ब्रांच लगाना चाहिए |

(3).          चाइनीज़-बन हेअर स्टाइल

इअर टू इअर को निकाल कर पीछे वाले हेअर की क्राउन एरिया पर पोनी बनानी चाहिए | आगे वाले हेअर को फेस के अनुसार पिन अप करके पोनी के साथ मिलाना चाहिए | इसके बाद सारे हेअर को इकट्ठा कर अंदर की ओर रोल करके, नीचे से संकीर्ण पिन अप करके बन बनाना चाहिए | बन के हेअर को साइड में स्प्रेड कर पिन अप करके स्प्रे करना चाहिए | फिर मैचिंग के अनुसार ब्रांच लगाना चाहिए |

(4).     जापानीज़-बन हेअर स्टाइल

  इअर टू इअर पाट्रिंग करके पीछे वाले हेअर की क्राउन एरिया में पोनी बनानी चाहिए | आगे वाले हेअर को उचित दंग से पिन अप करके पोनी के साथ मिक्स करना चाहिए | इसके बाद पोनी के नीचे वाले पार्ट पर पिन अप करना चाहिए | फिर रोल करके इस तरह बन का अप करना चाहिए, ताकि पोनी के हेअर ऊपर तथा नीचे की ओर संकरा शेप बन जाए | फिर दोनों ओर हेअर को स्प्रेड कर पिन अप करना चाहिए | इसके बाद स्प्रेड कर पिन अप करना चाहिए | इसके बाद स्प्रे से फिनिशिंग करके मैचिंग ब्रांच लगाना चाहिए |

(5).   टू-इन-वन रोल हेअर स्टाइल

इअर टू इअर पाट्रिंग करके पीछे वाले हेअर की मिडल में पोनी बनानी चाहिए | इसके बाद आगे वाले हेअर को फेस कट के अनुसार पफ ले कर पिन अप करना चाहिए |पिन अप करने के बाद बचे हुए हेअर को पोनी के चारों ओर अँगूठी पिन अप करना चाहिए | पोनी के दो पार्ट करके इस प्रकार पिन अप करना चाहिए, जिससे दाहिनी साइड का पार्ट बाई साइड के पार्ट को ओवरलैप करे | इससे एक में से दो रोल दिखाई देंगे अर्थात् टू-इन-वन | इसे पिन अप करना चाहिए | ग्रोथ के अनुसार दो-तीन रोल करने चाहिए | अन्य पार्ट के हेअर को बैक कॉम्ब करके आउट में रोल को मोड़ कर इसके साइड में सेट करना चाहिए | इसके बाद मैचिंग ब्रांच लगाना चाहिए |

(6).    हिल हेअर स्टाइल

इअर टू इअर हेअर को निकाल कर पीछे वाले हेअर की मिडल में पोनी बनानी चाहिए | इसके बाद आगे वाले हेअर को उचित पफ में पिन अप करना चाहिए | पिन अप से बचे हुए हेअर को पोनी से मिक्स कीजिए | इसके बाद पोनी के दो पार्ट कीजिए | ग्रोथ के अनुसार एक पार्ट के चार से पांच पार्ट करने चाहिए | पहले पार्ट के आधे हिस्से को आउट रोल करके नीचे की ओर व्यवस्थित करना चाहिए | इसके बाद बचे हुए दूसरे पार्ट को भी इसी तरह रोल बनाकर नीचे की ओर राउंड में व्यवस्थित करना चाहिए | ऊपर के एक पार्ट के बचे हुए हेअर को फिंगर रोल करके ऊपर की साइड में राउंड में व्यवस्थित करना चाहिए | इसके बाद साइड में मैचिंग ब्रांच लगाना चाहिए |

(7).   डिग्निटी रोल हेअर स्टाइल

 इअर टू इअर हेअर को ले कर पीछे वाले हेअर की मिडल में पोनी बनानी चाहिए | इसके बाद आगे वाले हेअर को उचित पफ ले कर पिन अप करना चाहिए | पिन अप से बचे हुए हेअर को पोनी के आसपास व्यवस्थित करके पिन अप करना चाहिए | पोनी के तीन पार्ट करके चाहिए | एक पार्ट को दाहिनी साइड ला कर रोल करके पिन अप कर देना चाहिए | दूसरे पार्ट को बाई साइड ला कर रोल करके पिन अप करना चाहिए, तीसरे पार्ट को इस तरह रोल करके पिन करना चाहिए, जिससे यह   कि एक में से एक रोल निकल रहा हो | इसके बाद मैचिंग ब्रांच लगाना चाहिए |

(8).   क्रास रोल हेयर स्टाइल

आगे वाले हेअर को बैक कम्बा करके पफ करना चाहिए और सभी हेअर की एक पोनी बनानी चाहिए | पोनी के ऊपर वाले हेअर ले कर पोनी के ऊपर आउट रोल मोड़ना चाहिए | पोनी के दाहिनी साइड के हेार ले कर रोल करना चाहिए और इसे बाई साइड व्यवस्थित करके पिन अप कर देना चाहिए | और अब बाई साइड के हेअर ले कर रोल करना चाहिए और उन्हें दाहिनी साइड व्यवस्थित करके पिन अप कर देना चाहिए | इस प्रकार हेअर की ग्रोथ के अनुसार क्रांस में रोल करना चाहिए | जिस प्रकार पोनी के ऊपर एक आउट रोल बनाया था, उसी प्रकार सबसे नीचे एक इन रोल बनाना चाहिए | स्प्रे से फिनिशिंग करके मैचिंग ब्रांच लगाना चाहिए |       
      



6 : साड़ी स्टाइल्स  ( SAREE-STYLES)


 (1).  गुजरती साड़ी

साड़ी के पल्लू के सामने वाले सिरे का एक राउंड कमर के चारों ओर लपेटिये | इसके बाद पल्लू बनाइए | चुन्नट वाले पल्लू का शिरा बाई साइड से पीछे ले जा कर दहिने शोल्डर पर ले आइए अब पल्लू आगे की ओर ला कर नीचे तक जाने दीजिए | दाहिने शोल्डर पर इसे सेफ्टीपिन से पिन अप कर दीजिए | अब साड़ी के बीच वाले पार्ट की चुन्नट बनाइए | चुन्नट वाला पार्ट कमर के सेंटर में खोसिए | आगे ले आए गए पल्लू के सिर को पीछे ले जा कर ब्लाउज के साथ पिन अप कर दीजिए |
*.ध्यान रखें :   पल्लू में बढ़िया डिज़ाइन वाली कोई भी साड़ी गुजरती स्टाइल में अच्छी लगती है |


(2). मराठी साड़ी

साड़ी के पल्लू के सामने वाले सिरे का एक राउंड कमर के चारों ओर लपेटिये और सामने दाहिनी साइड गांठ लगाइए | इसके बाद पल्लू का चुन्नट बनाइए | चुन्नट बनाए हुए पल्लू के सिरे को बाई साइड से पीछे की ओर ले कर दाहिनी साइड से बाएँ शोल्डर पर डालिए | पल्लू को सेफ्टीपिन से पिन अप कर दीजिए | शोल्डर पर डाली हुई साड़ी के सामने वाले पार्ट में दाहिनी साइड चुन्नट बनाइए | उसे सीधा करके सामने की ओर खोंस दीजिए | इसके बाद मध्य भाग के चुन्नट को पकड़ कर उसे दोनों पैरों के बीच में से पीछे की साइड ले जाइए और कमर के मध्य पार्ट में खोंस दीजिए | (इस स्टाइल में अंत में धोती जैसा दृश्य दिखाई देगा ) साड़ी पर कमर पट्टा अवश्य पहनिए |
*. ध्यान रखें : इस स्टाइल के लिए नौ गज की साड़ी का ही उपयोग करना पड़ता है | इस साड़ी के साथ साया पहनने की जरूरत नहीं होती | इसके बदले टाइट्स, थ्री-फोर्थ की पैन्ट अथवा स्लंग्ज़ का उपयोग कीजिए |

 (3).बंगाली अथवा देवदास साड़ी 

साड़ी के पल्लू के सामने वाले सिरे को कमर की बाई साइड से शुरू करके कमर के चारों ओर एक राउंड लपेटने के बाद दूसरे राउंड में सामने तक ले आइए | इसके बाद पल्लू वाले साड़ी के लम्बे सिरे को सामने से बाई साइड के शोल्डर पर ले जा कर पीछे की साइड एकदम नीचे तक जाने दीजिए | उसे बाएँ शोल्डर पर पिन अप कर दीजिए | अब साड़ी के बीच वाले पार्ट की एक या दो चुन्नट बना कर कमर दाहिनी साइड खोसिए | इसके बाद बॉडर की चुन्नट के सबसे नीचे वाले फोल्ड (चुन्नट) को खीँच कर दाहिनी साइड पीछे ले जा कर ब्लाउज के साथ पिन अप कर दीजिए | अंत में पीछे की साइड पल्लू वाले लम्बे सिरे को पीछे की ओर से दाहिने हाथ के नीचे से सामने ला कर दाहिने शोल्डर से पिन अप कर दीजिए |
*. ध्यान रखें : एकदम ऊपर से नीचे तक V शेप वाले बॉडर के कारण यह साड़ी अत्यंत मोहक लगती है | इस स्टाइल के लिए केवल बॉडर वाली साड़ी ही उपयोग में आ सकती हैं |

 (4) सादी बंगाली साड़ी

साड़ी के पल्लू के सामने वाले सिरे का एक राउंड कमर के चारों ओर लपेटिये | इसके बाद पल्लू की चुन्न बनाइए | चुन्नट वाले पल्लू के सिरे को पीछे से दाहिनी साइड से सामने ला कर बाएँ शोल्डर के ऊपर से पीछे की साइड जाने दीजिए | आवश्कता के अनुसार इस पल्लू को लम्बा कीजिए और बाएँ शोल्डर पर सेफ्टीपिन लगा दीजिए | अब साड़ी के बीच वाले पार्ट की चुन्नट बना कर कमर पर दाहिनी साइड खोसिए | पल्लू वाले सिरे की चुन्नट बना कर बाएँ शोल्डर पर पिन अप किया जा सकता है |
*. ध्यान रखें : बॉडर में कढाई की हुई या पूरी प्लेन साड़ी इस स्टाइल में यंग लुक देती है |  

 (5) देवदास वेरिएशन साड़ी

 साड़ी के पल्लू के सामने वाले सिरे को कमर की बाई साइड से शुरू कर कमर के चारों ओर एक राउंड पूरा कीजिए और दुसरे राउंड में आगे तक लाइए | इसके बाद पल्लू वाली साड़ी के लम्बे सिरे को आगे से बाई साइड के शोल्डर पर ले जा कर उसे पीछे की साइड में धुटने के बिलकुल नीचे तक जाने दीजिये | उसे बाएँ शोल्डर पर पिन अप कीजिए | अब साड़ी की चुन्नट के अंतिम छोर को पीछे से दाहिनी साइड से आगे ला कर पल्लू के सिरे को नीचे लाइए और बाई साइड में पीछे की ओर ब्लाउज के साथ पिन अप कर दीजिए | साड़ी के बचे हुए पार्ट की चुन्नट बना कर दाहिनी साइड थोड़ी खुली रखिए |
*.ध्यान रखें : इस स्टाइल के लिए केवल बॉडर वाली साड़ी का ही उपयोग किया जा सकता है |

 (6) रैप – राउंड साड़ी

साड़ी के पल्लू के सामने वाले सिरे का एक राउंड कमर के चारों ओर लपेटिए | इसके बाद पल्लू वाले सिरे की चुन्नट बनाइए | इस चुन्नट वाले सिरे को 2-2 फुट की दूरी पर(पहनने के पहले ) इस तरह सेफ्टीपिन लगाइए कि साड़ी का बॉडर पूरा हो जाए | इसके बाद सेफ्टीपिन लगे हुए पल्लू के सिरे को कमर पर ही बाई साइड से लूज़ राउंड फिरा कर पीछे ले जा कर दाहिनी साइड से सामने की ओर आइए | बाद में पल्लू वाले सिरे का तीन बार इसी प्रकार ढीला राउंड लीजिए और बचे हुए सिरे को बाँए शोल्डर पर से पीछे की साइड खुला लटकने दीजिए | अब पेट पर लपेटे गये तीन राउंड में से सबसे पहले, सबसे नीचे वाले राउंड को,सेफ्टीपिन खोल कर धीरे से नीचे की ओर खीचिये | इसके बाद उसके ऊपर वाले राउंड को इस प्रकार सेट कीजिए की यह नीचे वाले राउंड से थोड़ा ऊपर हो | इसके बाद बाएँ शोल्डर की ओर जाने वाले सिरे को पहले वाले दोनों सिरों के ऊपर उचित अंतर पर राउंड में सेट कीजिए ( फोटोग्राफ में दर्शाए अनुसार ) | बाएँ शोल्डर पर डाले गए सिरे को पिन किए बिना खुला ही रखिए |
*. ध्यान रखें : इस स्टाइल के लिए बॉडर वाली साड़ी ही उपयोग में ली जाती है | यह स्टाइल स्लिम फिंगर वाली बहनों पर ही अच्छी लगती है |   

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